सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, जाने क्या है खास?

आज रात यानी 27 जुलाई 2018 को दिखने वाला चंद्र ग्रहण सदी का सबसे लंबा ग्रहण होगा। इसकी अवधि आज  रात  11ः54 मिनट से शुरु होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3ः49 तक रहेगी। इस दौरान लगभग 1ः15 मिनट से 2ः43 मिनट तक पूर्ण चंद्रग्रहण पड़ेगा। इसके बाद 9 जून 2023 में ही इतने लंबे चंद्र ग्रहण की स्थिति बनेगी।
इसके अलावा इस पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति में चांद पूरी तरह से लाल दिखाई देगा, जिसे खगोलीय भाषा में ‘ब्लडमून’ के नाम से जाना जाता है। ऐसा तब होता है जब पूरा चांद अंतरिक्ष में धरती की छाया से गुजरता है, तथा सूर्य की किरणें धरती के वायुमण्डल से गुजरते वक्त बिखर जाती है । क्योंकि अन्य रंगों की तुलना में लाल रंग की तरंगदैध्र्य अधिक व प्रकीर्णन कम होता है, जिससे चांद लाल दिखाई देता है।
सामान्यतः चंद्रग्रहण एक खगोलीय परिघटना है, जिसमें पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते वक्त, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्रमा पूरी तरह स्पष्ट दिखाई नहीं देता, इसे ही चंद्रग्रहण कहते है। चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा के ही दिन होता है। और पूर्ण चंद्र ग्रहण तब पड़ता है जब चंद्रमा, पृथ्वी व सूर्य तीनों एक सीध में आ जाते हैं व पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूर्णतः ढक लेती है ।
आज का चंद्रग्रहण सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण होने के साथ ही यह गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हो रहा है। यह भी एक दिव्य संयोग है। इस दिन भारतीय सभ्यता में लोग अपने गुरु की पूजा, दीक्षा व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। ऐसा संयोग लगभग 17 वर्ष पूर्व सन् 2000 में हुआ था।
यद्यपि भारतीय खगोल विज्ञान व अन्य धार्मिक प्रवित्तियों में चंद्रग्रहण से जुड़े कई मिथक व मान्यताएं भी जुड़ी है, जिसमें वे दैनिक जन-जीवन में इसके प्रभाव, लोगों के खान-पान, रहन-सहन व स्वास्थ्य एवं राशियों पर भी प्रभाव की बात की जाती है।
हालांकि वर्षा के मौसम और घने बादलों के बीच एवं मेट्रो शहरों में व्याप्त प्रदूषण के कारण इसे खुली आंखों से देखना उतना आसान नहीं होगा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वच्छ आकाश व मौसमी दशाएं स्थिर हैं इस अभूतपूर्व खूबसूरत खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं।
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